मैं सो जाता हूँ तुम्हारी बाहों के घेरे में
ये सुकून है
तुम सो जाती है मेरी बाहों में
ये सुकून है
तुम्हारी बाहों में, मैं हो जाता हूँ एक छोटा बच्चा
जो ख़ामोश है
मेरी बाहों में तुम हो जाती हो एक बच्ची
जिसे सुनता हूँ मैं डूबकर
तुम भर लेती हो मुझे बाहों में
जब डरा हुआ होता हूँ मैं
और मैं जब भर लेता हूँ तुम्हें बाहों में
तो फिर किसी बात से नहीं डरता मैं
तुम्हारी बाहों में
मौत की घनी ख़ामोशी भी
डरा नहीं सकेगी मुझे
तुम्हारी बाहों में
मैं मौत को भी हरा दूंगा
ये सपना है मेरा
ये सपना है मेरा
वाह ! बहुत खूबसूरत कविता ! अनुवाद लगा ही नहीं की अनुवाद है !
ReplyDeleteThanks Anuj!! It's the best parameter to judge a piece, if it sounds translated then it has some scope of improvement.
Deleteआपका अनुवाद हमेशा बेहतरीन होता है ! कविता पसंद आई
ReplyDeleteशुक्रिया अजीत जी! अनुवाद एक संतुलन है, शायद इस बार संतुलन सफल रहा..
DeleteBeautiful..
ReplyDeleteThank You..Thank You!!
DeleteHappy..Happy :) :)
खूबसूरत कविता
ReplyDeleteथैंक यू भइया :)
Deleteकि आप रोज़ ब्लॉग पर आते हैं
खूबसूरत कविता और बेहतरीन अनुवाद .........
ReplyDeleteथैंक यू दी, रद्नोती की कविताओं में एक गहरी टीस है, अभी और अनुवाद शेयर करुँगी इनके :)
Deleteतुम्हारी बाहों में
ReplyDeleteमैं मौत को भी हरा दूंगा
ये सपना है मेरा
गजब का भरोसा !
बेहद ख़ूबसूरत कविता का बेहद ख़ूबसूरत अनुवाद। शुभकामनाएँ, भावना जी !
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